Author: Versha Rani

वक्त

ज़िन्दगी बदलती है वक़्त के साथ ,

वक़्त बदलता है ज़िन्दगी के साथ,

वक़्त नहीं बदलता अपनों के साथ ,

अपने बदल जाते हैं वक़्त के साथ!

 

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जबरदस्ती

दुरीया अच्छी लगने लगी है

अब मुझे ,

किसी से जबरदस्ती का

रिश्ता रखने से,

किसी पर  अपना हक जताने से !

 

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पापा

किताबों से नहीं,

मेंने रास्तों की ठोकरों से सिखा है,

कि किताबों से नहीं  ,मेंने रास्तो की

ठोकरों से सिखा है

लाखों मुश्किलों में भी हसना

मैंने अपने पापा से सिखा है |

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आसूं

 

मुझे मनाने के लिए

उसका एक बार

मुस्कुरा कर देखना

ओर बोलना ही काफी है ,

लेकिन उसको

मनाने के लिए

मेरे लाखों आसूं

भी कम लगते हैं

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एहसास

1.हर वक़्त बहुत सारी बातें करने

का मन होता हैं तुमसे,

लेकिन तुम्हारी बातें सुनकर

एहसास होता है

हमारा चुप रहना ही

अच्छा है|

2. काश कोई ऐसा इन्सान हमारी

जिंदगी में भी

जो हमारे हर एहसास को

समझ सकता

और कहता कयूँ

उदास रहते हो

मैं हूँ तुम्हारे साथ |

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गम

कभी खुशीयों को बुलाए

तो गम मिलतें है

ये गम हर दम मिलतें है

जो समझ सकें हमारे दिल

के दर्द को ऐसे लोग

जिंदगी में कम ही मिलतें है

 

 

 

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इश्क़

रूठना और मनाना भी जरूरी हैं

मोहब्बत में

तभी तो उम्र ढलने पर भी

इश्क जवां रहता है,

सब कहते हैं लोगों को

देखकर खुद को बदलो

मैं कहती हूँ अपने आप बदल जाओ

लोग खुद बदल जायेगें

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दर्द😢

में आज भी हर 

बड़े से बड़ा दर्द सह जाती हूँ

ये सोच कर कि आज से

कही बेहतर मेरा

आने वाला कल होगा

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इल्जाम

अभी भी कोई इल्जाम

रह गया हो तो वो भी

लगा दो

अगर इतने ही बुरे हैं हम

तो आओ मेरा गला दबा दो

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जिंदगी

आजकल कुछ ऐसी चल रही हैं जिन्दगी,

मन  में उदासी छाई है हर वक़्त,

लेकिन कयूँ है पता नहीं,

खुश रहना चाहते हैं लेकिन

कोई वजह नहीं,

बस निरसता ही बची है जिन्दगी में कोई

खुशी के पल नहीं

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