Author: Tanvi Baviskar

मोहब्बत

बादलों में जान है, बाकी ,

बूंदें सारी थकी पड़ी है,

रोशनी है कैद, आंखें सूरज की,

कही और लड़ी पड़ी  है …

 

है खफा तू आज मुझसे,

प्यार किया क्या दिल में है?

सास ले अगर तू जो ताना,

जा–आन फिर मुश्किल मुझे है …

 

 

सफ़ा बांधे नाम का तेरे,

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