इस दीपावली, सिर्फ घर नहीं… पढ़ने की चाहत भी रोशन करें
Author: RentReadBuy Editorial Team
Published: 2026-10-23
दादी और अनन्या की प्यारी दीपावली कहानी के साथ जानिए बच्चों के लिए चार किताबें, तीन उपयोगी उपहार और पढ़ने की खुशी देने वाली Silver Membership के बारे में।
इस दीपावली, सिर्फ घर नहीं, पढ़ने की चाहत भी रोशन करें
दादी की सुनाई श्रीराम की कथा, अनन्या की जिज्ञासा और चार ऐसे उपहार, जिनमें सबसे खास है नई किताबें पढ़ने का अवसर।
RentReadBuy Editorial Team | 23 अक्टूबर 2026
कुछ त्योहार हमारी यादों में उनकी रोशनी के कारण रह जाते हैं। कुछ इसलिए, क्योंकि उन दिनों किसी अपने ने हमें कोई ऐसी कहानी सुनाई थी, जिसे हम आज तक नहीं भूले।
“दादी, दीपावली पर इतने दीये क्यों जलाते हैं?”
आँगन में रंगोली बन चुकी थी। गेंदे के फूलों की लड़ियाँ दरवाजे पर झूल रही थीं। घर की खिड़कियों पर छोटी-छोटी रोशनियाँ सजाने की तैयारी चल रही थी।
आठ साल की अनन्या मिट्टी के दीयों को एक सीध में लगा रही थी। उसके हाथों में रंगोली के रंग लगे थे और चेहरे पर वही उत्सुकता थी, जो त्योहार आने से पहले हर बच्चे की आँखों में दिखाई देती है।
दादी उसके पास आईं।
“दादी, हम हर दीपावली इतने सारे दीये क्यों जलाते हैं?”
दादी मुस्कुराईं। “क्योंकि हमारी परंपराओं में एक ऐसी कहानी भी है, जिसमें पूरी अयोध्या दीपों से जगमगा उठी थी।”
अनन्या ने तुरंत अगला दीया नीचे रख दिया।
“अयोध्या? वहाँ क्या हुआ था?”
जब श्रीराम लौटे अयोध्या
दादी ने बताया कि प्रचलित रामायण परंपरा के अनुसार, भगवान श्रीराम चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके लौटने की खुशी में नगरवासियों ने उनका स्वागत किया और दीपों से नगरी को प्रकाशित किया।
अनन्या ने पूछा, “तो दीपावली खुशी मनाने का त्योहार है?”
“हाँ,” दादी ने कहा, “और यह हमें आशा, अच्छाई, ज्ञान और साथ रहने की अहमियत भी याद दिलाता है।”
दादी ने उसे यह भी समझाया कि भारत के अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों में दीपावली से जुड़ी अनेक मान्यताएँ और परंपराएँ हैं। कहीं माता लक्ष्मी की आराधना प्रमुख है, तो कहीं भगवान कृष्ण और नरकासुर की कथा सुनाई जाती है। अलग-अलग परंपराओं में इस पर्व के अलग अर्थ और सुंदर रूप मिलते हैं।
“दादी, आपको इतनी सारी कहानियाँ कैसे पता हैं?”
“मेरी दादी सुनाती थीं।”
“और आपकी दादी को?”
दादी हँस पड़ीं। “शायद उनकी दादी!”
अनन्या भी हँसने लगी। उसे अचानक एहसास हुआ कि कोई कहानी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक कितनी दूर का सफर तय कर सकती है।
जब सुनाई हुई कहानी किताब बन जाती है
“दादी, क्या मैं ये कहानियाँ खुद भी पढ़ सकती हूँ?”
दादी कमरे के भीतर गईं और किताबों की अलमारी से एक रंगीन पुस्तक ले आईं।
“बिल्कुल। आज मैं तुम्हें एक कहानी सुनाऊँगी, कल तुम मुझे पढ़कर सुनाना।”
दीपावली की कहानियों से परिचय कराने वाली एक खास किताब
Amma, Tell Me About Diwali!
लेखिका: Bhakti Mathur
अगर आपका बच्चा पूछता है कि दीपावली क्यों मनाई जाती है, तो यह पुस्तक साथ बैठकर पढ़ने की एक अच्छी शुरुआत हो सकती है।
Bhakti Mathur की यह पुस्तक बच्चों को श्रीराम के अयोध्या लौटने और माता लक्ष्मी से जुड़ी कथाओं से परिचित कराती है। तुकबंदी और चित्रों के जरिए त्योहार की कहानियाँ बच्चों के लिए अधिक रोचक बनती हैं।
इसे पढ़ते हुए बड़े बच्चों के प्रश्नों का उत्तर दे सकते हैं, जबकि बच्चे कहानी के पात्रों, चित्रों और परंपराओं के बारे में नए प्रश्न पूछ सकते हैं।
सिर्फ दीपावली नहीं, हर दिन के लिए तीन और खूबसूरत किताबें
त्योहार पर शुरू हुई पढ़ने की आदत त्योहार के साथ खत्म क्यों हो? दादी की कहानियाँ, पंचतंत्र की सीख और भारत के दूसरे त्योहारों का परिचय। ये तीन किताबें उस सफर को आगे बढ़ा सकती हैं।
Grandma's Bag of Stories
Sudha Murty
दादी के आसपास बैठकर कहानियाँ सुनने के अनुभव को जीवंत करती पुस्तक। कल्पना और रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी कहानियाँ इसे परिवार के साथ पढ़ने के लिए खास बनाती हैं।
101 Tales Panchatantra
Wonder House Books
जानवरों और रोचक पात्रों की कहानियाँ बच्चों को मनोरंजन के साथ सोचने, निर्णय लेने और व्यवहार की छोटी-छोटी सीखों से परिचित कराती हैं।
My Little Book of Festivals
Ashwitha Jayakumar
दीपावली, होली और नवरात्रि जैसे त्योहारों की परंपराओं और गतिविधियों से परिचय कराने वाला तीन बोर्ड पुस्तकों का सेट। खास तौर पर छोटे बच्चों के साथ पढ़ने के लिए उपयुक्त।
इन पुस्तकों का उद्देश्य बच्चों को केवल कथाएँ सुनाना नहीं, बल्कि उन्हें प्रश्न पूछने, कल्पना करने और अपनी संस्कृति को समझने के नए अवसर देना भी है।
इस बार दादी के उपहार कुछ अलग थे
कहानी खत्म होते-होते शाम हो गई थी। घर के बाहर दीयों की कतार जगमगा रही थी और अनन्या खिड़की से रोशनी देख रही थी।
तभी दादी एक सुंदर-सा डिब्बा लेकर आईं।
“आज तुम्हारे लिए कुछ उपहार हैं। लेकिन हर उपहार के पीछे एक छोटी-सी बात छिपी है।”
अनन्या उत्साह से उनकी ओर मुड़ी।
“पहला उपहार हमारे घर की रोशनी के लिए। दूसरा तुम्हारे पढ़ने के कोने के लिए। तीसरा तुम्हारी कल्पनाओं के लिए।”
“और चौथा?” अनन्या ने पूछा।
“वह सबसे आखिर में।”
दीपावली पर बच्चों और परिवार के लिए तीन उपयोगी उपहार
इस कहानी में उपहार केवल सजावट के लिए नहीं हैं। प्रत्येक उपहार का एक उद्देश्य है। परिवार के साथ उत्सव मनाना, आराम से पढ़ना और कुछ नया रचना।
Philips Starlit 12 Meter 72 LED String Lights
दादी ने अनन्या को घर की खिड़की पर लगाई जाने वाली वार्म व्हाइट लाइट्स दिखाईं।
कमरे में पहले से मौजूद गर्म रोशनी और उत्सवी सजावट के बीच ये लाइट्स दीपावली की शाम को और सुंदर बना सकती हैं।
यह 12 मीटर लंबाई और 72 LED वाला चुना गया मॉडल है। बिजली के उपकरण संभालने का काम वयस्क करें।
वर्तमान कीमत, उपलब्धता और डिलीवरी की जानकारी Amazon पर देखें।
Wipro Garnet 6W LED Table Lamp
अनन्या को किताबें पढ़ने का शौक बढ़ता देख दादी ने उसके लिए एक खास रीडिंग कॉर्नर बनाने का फैसला किया।
चुने गए Wipro Garnet मॉडल में लचीला गोसनेक, तीन प्रकाश-रंग विकल्प और तीन स्तरों पर डिमिंग की सुविधा है।
अच्छी तरह रखी गई टेबल लाइट शाम को पढ़ने, चित्र बनाने और पढ़ाई करने के लिए सुविधाजनक वातावरण तैयार करने में मदद कर सकती है।
Faber-Castell 36 Triangular Colour Pencils + 50 Connector Pens
तीसरे डिब्बे में रंगीन पेंसिल और कनेक्टर पेन थे।
“दादी, इतने सारे रंग!” अनन्या खुशी से बोली।
“अब तुम सिर्फ कहानियाँ सुनोगी नहीं,” दादी ने कहा, “उनकी अपनी तस्वीरें भी बना सकोगी।”
अनन्या ने तय किया कि वह सबसे पहले दीपों से जगमगाती अयोध्या का चित्र बनाएगी।
यह आर्ट सेट बच्चों की चित्रकारी, त्योहार के ग्रीटिंग कार्ड और रचनात्मक गतिविधियों के लिए उपयोगी विकल्प है।
लेकिन चौथा उपहार अभी बाकी था
तीन उपहार देखकर अनन्या बहुत खुश थी। उसने रंगीन पेंसिल संभालकर रखीं और नई किताब उठाने लगी।
तभी दादी ने उसे एक आखिरी लिफाफा दिया।
“यह तुम्हारे लिए सबसे खास उपहार है।”
अनन्या ने लिफाफा खोला। अंदर पढ़ने की सदस्यता का एक सुंदर डिजिटल उपहार दिखाया गया था।
“दादी, इसमें किताब कहाँ है?”
“इसमें सिर्फ एक किताब नहीं है, बेटा। इसमें आने वाले तीन महीनों तक नई किताबें खोजने का अवसर है।”
“मतलब, मैं नई कहानियाँ चुन सकती हूँ?”
“हाँ। और हर कहानी के बाद हम मिलकर उसके बारे में बात करेंगे।”
RentReadBuy Silver Membership
₹899 / 3 महीने
इस दीपावली किसी अपने को केवल एक किताब नहीं, पढ़ने की लगातार खुशी उपहार में दें।
- एक समय में अधिकतम 2 रेंटल किताबें।
- सक्रिय सदस्यता के दौरान प्रति किताब अलग रेंटल शुल्क नहीं।
- लागू सदस्यता शर्तों के अनुसार डिलीवरी और रिटर्न पिकअप के लिए अलग शुल्क नहीं।
- उपलब्ध कैटलॉग से नई किताबें खोजने का अवसर।
सदस्यता पुस्तक उपलब्धता, सेवा क्षेत्र और लागू नियमों के अधीन है।
अगली कहानी अब अनन्या सुनाएगी
रात गहरी हो चुकी थी। खिड़कियों पर लाइट्स चमक रही थीं। मेज पर रंगीन पेंसिल रखी थीं और पढ़ने के कोने में नया लैम्प सजा था।
अनन्या ने दादी के पास बैठकर अपनी किताब खोली।
“दादी, कल एक और कहानी सुनाएँगी?”
दादी ने धीरे से उसके सिर पर हाथ रखा।
“ज़रूर। लेकिन इस बार तुम पढ़कर सुनाना।”
अनन्या मुस्कुराई। उसने किताब का पहला पन्ना पलटा।
बाहर दीये जल रहे थे। भीतर एक नई पाठक की कहानी शुरू हो चुकी थी।
इस दीपावली, सिर्फ घर नहीं, पढ़ने की चाहत भी रोशन करें।
Gift Stories. Make Time for Yours.